दिल्ली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मी रतनलाल की हत्या में सात गिरफ्तार

 


दिल्ली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मी रतनलाल की हत्या में सात गिरफ्तार



सार



  • हत्या के एक दिन पहले सीएए प्रदर्शन के बाद पुलिसबल पर पत्थरबाजी की योजना बनाई

  • गुरुवार तक हिंसा के विभिन्न मामलों में 712 एफआईआर दर्ज

  • हिंसा में दिल्ली से बाहर गाजियाबाद से आए लोग भी शामिल



 

विस्तार


दिल्ली हिंसा में शहीद हुए हेड कांस्टेबल रतनलाल के हत्यारों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि रतनलाल की हत्या पूरी साजिश के साथ की गई थी। हत्या के एक दिन पहले नागरिकता कानून विरोधी प्रदर्शन के बाद पुलिसबल पर पत्थरबाजी की योजना बनाई गई थी। इस साजिश के तहत ही पत्थरबाजी की गई जिसमें रतनलाल की जान चली गई।



 

पुलिस ने इस मामले में साजिश रचने और हिंसा करने में शामिल रहे सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें दिल्ली से बाहर गाजियाबाद से आए लोग भी शामिल बताए गए हैं। दिल्ली पुलिस के शीर्ष अधिकारी एमएस रंधावा के मुताबिक अभी यह बिल्कुल सटीक पता लगा पाना बाकी है कि रतनलाल की मौत के लिए कौन व्यक्ति सीधे तौर पर जिम्मेदार था।

लेकिन घटना के समय की वीडियो और अन्य ठोस सबूतों के आधार पर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस गिरफ्त में आए लोगों के नाम सलीम मलिक उर्फ मुन्ना, मोहम्मद जलालुद्दीन उर्फ गुड्डू भाई, मोहम्मद अयूब, मोहम्मद यूनुस, आरिफ, मोहम्मद दानिश और मोहम्मद सलीम खान हैं। जिनमें दानिश को लोनी गाजियाबाद का निवासी बताया गया है। 

दोनों ही समुदाय के लोगों से गिरफ्तारी


दिल्ली पुलिस ने गुरुवार तक हिंसा के विभिन्न मामलों में 712 एफआईआर दर्ज की हैं। इसमें हजारों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और सैकड़ों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों में दोनों ही समुदाय के लोग शामिल हैं।

पुलिस ने आरोपियों की ठोस पहचान सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय लोगों के द्वारा बनाए गए वीडियो, सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था संभालने के दौरान पुलिस के द्वारा बनाई गई वीडियो का सहारा लिया है।

अब शांति कायम


हिंसाग्रस्त इलाकों में अब पूरी तरह शांति कायम हो चुकी हैं। किसी भी क्षेत्र में हिंसा का कोई समाचार नहीं मिला है। पुलिस ने उत्तर-पश्चिम क्षेत्र में विशेष डेस्क बनाकर लोगों से अपनी शिकायतें दर्ज कराने की अपील की है।

अगर शिकायत गंभीर है तो उसे तत्काल एफआईआर में तब्दील कर दिया जा रहा है। पुलिस ने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाह से दूर रहने और बिना प्रमाणित किये किसी संदेश को आगे न बढ़ाने की अपील की है।